Sunday, 9 July 2023

9 हिंदी - जूलिया : शब्दार्थ + कृतियाँ + स्वाध्याय मार्गदर्शन

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर 
इयत्ता : नववी       
विषय : हिंदी        
5 . जूलिया ……. अंतोन चेखव
संकलन : डी. पी. सुतार                
शब्दार्थ-
अभिभावक = संरक्षक 
मार्मिक = जो दिल को छू जाए 
पीड़ा = वेदना 
विवशता = लाचारी
शुक्रिया = धन्यवाद 
तनख्वाह = मासिक वेतन 
विनीत स्वर = विनम्र स्वर   
डायरी ( Diary) = दैनिक वृत्त की पुस्तिका 
डेअरी (Dairy) = दुग्धशाला 
रुबल = रुस का चलन
नोट = टिप्पणी 
प्लेट = थाली 
बदा = भाग्य में लिखा हुआ 
कसर = कमी  
टहनी = प्रशाखा, उपशाखा, छोटी डाल
*ठग लेना = धोखा देकर लूटना 
आज-कल पढ़े-लिखे होने के बावजूद भी कई लोगों को ठग लिया जाता है 
*हड़प लेना = बेईमानी से अधिकार कर लेना ।
साहुकार व्यक्ति अनपढ़ लोगों की जमीन हड़प लेते थे ।
उत्तेजित - आवेश, क्षुब्ध, भड़का हुआ 
क्रूर - निर्दय        
मजाक- हँसी-ठट्ठा, परिहास
सबक = सीख, उपदेश 
* सबक सिखाना = उपदेश देना, सीख देना ।
लापरवाही बरतने वाले लोगों को सबक सिखाना ही पड़ता है ।
दब्बू = स्वभाव से दुर्बल 
भीरू = डरपोक 
बोदा = मूर्ख, सुस्त 
कठोर - सख्त, दयाहीन
क्रूर - निर्दय, हिंसक कार्य करने वाला 
निर्मम = ममतारहित,निर्दयी 
हृदयहीन = क्रूर, निष्ठुर 
रीढरहित - बिना मेरुदंड का
आकलन कृतियाँ :
1 संजाल पूर्ण कीजिए 
1. गद्यांश में आया संसार :
अ) क - - 
आ) क्रू - 
इ) नि - म 
ई) हृदय - - 
2. कारण लिखिए :
क) गृहस्वामी द्वारा जूलिया से माफी माँगना =
क्योंकि उन्होंने जूलिया ………………….. मजाक ……
ख) गृहस्वामी से जूलिया को संसार के साथ लड़ने के लिए कहना = 
ताकि वह अपने को ………………. सके
3 . क) मुहावरा ढूँढ़कर वाक्य में प्रयोग कीजिए 
सबक सिखाना 
ख) ‘पर’ शब्द के दो अर्थ लिखिए ।  
i) प - तु ii) - ख 
4) 'संसार में दब्बू और रीढरहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है ' इस पर लगभग 8 से 10 वाक्यों में अपने विचार लिखिए ।
हमारी सामाजिक परिस्थितियाँ ऐसी बन चुकी है कि खामोश रहनेवाले या भयभीत रहनेवाले लोगों के साथ और अधिक अन्याय होता है। हमारा किसान सालभर मेहनत करता है लेकिन कुछ लोग उनका अधिकार मार लेते हैं और किसान खामोशी के साथ यह अन्याय सहन करता रहता है।
गरीब मजदूर पूरा दिन मेहनत करता है लेकिन कुछ बोल न पाने के कारण लोग उसके अधिकारों का हनन करते हैं और उसे उचित मेहनताना नहीं मिल पाता है। इसलिए यह समाज ऐसे लोगों के लिए नहीं है जो खामोशी से सारे ज्यादतियों को बर्दाश्त करते हैं। लोग ईमानदारी के साथ अपना कार्य संपन्न करने के बावजूद भी अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं सिर्फ दब्बू और रीढ़रहित होने के कारण। अतः इस समाज में डरपोक लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है।

स्वाध्याय मार्गदर्शन :
पाठ के आँगन में (१) सूचना के अनुसार……
 (क) संजाल ….. जूलिया के मन के भाव :
जवाब : पन्ना क्र. 15 और 16 ..... 
अ (......स्वर में) 
आ (...... स्वर में) 
 इ (... स्वर में) 
 ई (...… आवाज)

ख) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हो
1) वान्या = …………. जूते ……………..गए थे ?
2) रूबल = ………………. मुद्रा का नाम ……….. ?

2 पाठ में प्रयुक्त अंकों का उपयोग करके मुहावरे लिखिए । 
 1. तीन तरह करना = नष्ट करना। 
 2. उन्नीस-बीस का अंतर होना = बहुत कम अंतर होना । 
 3. दो टूक बात कहना = स्पष्ट और अंतिम बात कहना। 
 4. पाँचों उँगलियाँ घी में होना = सब प्रकार से लाभ होना ।
5. नौ दो ग्यारह होना = भाग जाना। 
 6.एक और एक ग्यारह होना - एकता में शक्ति होना। 
 7. एक आँख से देखना = समदृष्टि होना।

(3) कई बार अज्ञान के कारण गरीबों ठगा जाता है यह देखकर मेरे मन में विचार आए ………….. 
इस विषय को समझते हुए अपने मन में विचार (7-8 वाक्य) लिखिए |
मार्गदर्शक बिंदु : 
 काफी दुख …. कभी गुस्सा भी ……. अधिकारों के प्रति जागृत …… संगठन बनाने के लिए …….. पढ़े-लिखे लोगों को अपने व्यवहार में……….. अपने अज्ञान को दूर करने……..


भाषा बिंदु : विराम चिह् न
एक टेबल बनाकर निम्न जानकारी लिखिए 
वाक्य : वाक्य पाठ में से ढूँढ़कर लिखिए ।
क्र .   चिहन     नाम                वाक्य
1        -        योजक चिहन    ........
2         .        संक्षेप              ..........
3         –       निर्देशक          ..........
4         [ ]      बड़ा कोष्ठक     ............
5        "...... "  दोहरा अवतरण चिहन ........
6           ,         अल्पविराम       ..........
7          !          विस्मयादिबोधक चिह् न .......
8          ;          अर्धविराम         .............
9        ( )          छोटा कोष्ठक     ............
10        |           पूर्ण विराम       .............
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आप अपनी टिप्पणी जरूर लिखें ।






Friday, 16 June 2023

REEDH KI HADDI : SWADHYAY

9 . रीढ़ की हड्ड़ी 
............. जगदीशचंद्र माथुर
स्वाध्याय मार्गदर्शन :
1) संजाल पूर्ण कीजिए 
रिश्ते - अ) रामस्वरूप - उमा = पि..... - पु.....
ब) पति - पत्नी   =    राम....... - प्रे .....  
क) नौकर - मालिक   =  र...... - राम........ 
ड) शंकर - गोपाल प्रसाद = पु...... - पि......

2) कृति पूर्ण कीजिए :
अ) व्यावसायिक शिक्षा के नाम =
 व...लत , मेडि....
ब) शास्त्रीय संगीत में प्रयुक्त वाद्यों के नाम =
हार.......... , सि........

3) गोपाल प्रसाद की दृष्टि में बहू ऐसी हो :
i) खूब.......
ii) जन्मपत्र का मिलाप......
iii) अधिक पढी-लिखी ..........
iv) सिलाई- पुराई करना .......
v) गाना-बजाना .........
vi) पेंटिंग-वेटिंग .........

4) कारण लिखिए :
1) बाप-बेटे चौंक उठे = उमा की नाक पर सुनहरी........
2) उमा को चश्मा लगा = क्योंकि उसकी आँख दुखने.........
3) रामस्वरूप ने हारमोनियम उठाकर लाने को कहा = उमा लड़के वालों को गाना ..........
4) उमा को गुस्सा आया = गोपालप्रसाद काफी देर से उमा की नाप-तौल कर रहे थे

5) सूचनानुसार लिखिए : 
अ) कृदंत बनाइए :
पढ़ना = पढ़ा.... 
समझना = समझक.....
सीना = सिला.....
चाहना = चाहक......
आ) शब्दयुग्म पूर्ण कीजिए :
पढ़े-लि......
सभा- सो........
पेंटिंग-वे....
सीधा- सा.....
अभिव्यक्ति :




Saturday, 3 June 2023

10 हिंदी - 2. लक्ष्मी : स्वाध्याय

इयत्ता : दहावी  विषय : हिंदी  घटक : गद्य  2. लक्ष्मी .... 

स्वाध्याय मार्गदर्शन   :संकलन : श्री . डी . पी . सुतार

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर   भ्रमणध्वनि : 9822206921

सूचना : मी येथे पूर्ण उत्तरे दिलेली नाहीत. योग्य उत्तरापर्यंत नेण्यासाठी आवश्यक मार्गदर्शन केले आहे. तुम्ही पुस्तकाचा वापर करून योग्य उत्तरे लिहा. 

 पन्ना क्र. 4 : परिच्छेद पर आधारित  कृतियाँ 

1) संजाल पूर्ण कीजिए :

 परिच्छेद से प्राप्त ज्ञान सिंह संबंधी जानकारी :

i) मवेशी पालने का .........

ii ) तीन बरस पहले ज्ञान सिंह ने ......

iii) गाय का दूध बेचना पसंद ......

iv) लक्ष्मी को बेचना ......

2) उत्तर लिखिए :

1) ज्ञान सिंह की समस्याएँ :

i) लक्ष्मी को बे .....

ii) लक्ष्मी को साथ ......

2) ज्ञान सिंह का दूध बेचने का उद्देश्य : 

i) गाय को चारा और दर्रा खरीदने के लिए ........

3) सूचना के अनुसार कृतियाँ :

सेवक -

पर्यायवाची : दा ..., नौ ... र

विलोम : स्वा ....

लिंग परिवर्तन : से .... का 

वचन परिवर्तन : सेवक

4) पालतू जानवरों के साथ किए जाने वाले सौहार्दपूर्ण व्यवहार के बारे में अपने विचार लिखिए ।

जवाब : हमारी संस्कृति में ही मनुष्य और पालतू जानवरों का रिश्ता बना हुआ है । मनुष्य ने अपने उपयोग के लिए गाय, भैंस, बैल, कुत्ता, बिल्ली, तोता आदि प्राणी और पंछियों को पालता आया है । जो इन्सान इन प्राणियों का पालन करता है वह उन प्राणियों की अच्छी तरह से देखभाल भी करता है । अर्थात मनुष्य पालतू जानवरों के  साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करता है । पालतू प्राणी भी अपने मालिक के साथ वफादार रहता है । हमारे यहाँ पशुप्रेम दिखलाने वाली 'हाथी मेरे साथी ', 'तेरी मेहरबानियाँ ' आदि फिल्में भी बनी हुई है ।

किसी - किसी जगह कुछ लोग इन प्राणियों के साथ बुरा व्यवहार करते हुए भी नजर आते हैं । हमें पालतू प्राणियों के साथ अच्छा व्यवहार करना जरूरी है ।

स्वाध्याय :

1) संजाल

मार के कारण लक्ष्मी के व्यवहार में आया परिवर्तन :

जवाब : ( पाठ का पहला परिच्छेद देखिए )

i ) बडी भयभीत और .......... थी ।

ii) जो भी उसके पास जाता, उसे सिर .......... करती थी ।

iii) उछलती-कूदती थी ।

iv) गले की रस्सी तोड़कर ............... करती थी ।

2) उचित घटनाक्रम :

जवाब : 

i) उसने तुम्हें ......

ii ) रहमान ......

iii) उसके गले ........

iv) वह लक्ष्मी को ...............

3) उत्तर लिखिए :

ज्ञान सिंह का पशुप्रेम दर्शाने वाली बातें :

जवाब : ( पन्ना क्र . 3 आखरी परिच्छेद व पन्ना क्र .4 पहला परिच्छेद )

i) प्रायः उसके घर के ........................ बँधी रहती ।

ii) तीन बरस पहले उसने एक..................... खरीदी थी ।

iii) गाय का दूध बेचना ............... 

iv) लक्ष्मी को बेचना ..........

4) गलत वाक्य सही करके लिखिए :

1) करामत अली पिछले चार सालों से गाय की सेवा कसा चला आ रहा था । ( देखिए जवाब पन्ना क . 4 पर )

2) करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद इत्मीनान....... हुआ ( देखिए जवाब पन्ना क . 4 पर )

5) मुद्दों के आधार पर वर्णन :

i) नाम - ल ....

ii) उम्र - अ .... ड़

iii) नस्ल - ज ...

iv) स्थिति - दूध ..... देती 

6) कारण लिखिए :

1. करामत अली लक्ष्मी के लिए सानी तैयार करने लगा - 

जवाब : देखिए पन्ना क्र . 4

क्योंकि रहमान और रमजानी ने गाय को चारा ........

2 . रमजानी ने करामत अली को रोगन दिया -

जवाब : देखिए पन्ना क्र . 3

रहमान ने लक्ष्मी को डंडे से पीटा था और उसे भारी चोट आई थी ।

3 . रहमान ने लक्ष्मी को इलाके से बाहर छोड़ दिया :

जवाब : देखिए पन्ना क्र . 5

लक्ष्मी को पालने की हैसियत नहीं थी ।

4 . करामत अली ने लक्ष्मी को गऊशाला में भरती किया जवाब : पन्ना क्र 7

लक्ष्मी वहाँ करामत अली के घर की तुलना में ............ और वहाँ के लोग देखभाल भी .......

7) हिंदी- मराठी समोच्चारित .......

पीठ : हिंदी - शरीर का हिस्सा  मराठी - आटा

खाना : हिंदी - भोजन   मराठी - स्थान

चारा : हिंदी - उपाय      मराठी - घास 

कल : हिंदी - आने वाला दिन    मराठी - प्रवृत्ति

अभिव्यक्ति

यदि आप करामत अली की जगह होते तो इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए ।

जवाब :

यदि मैं करामत अली की जगह होता तो उसके जैसा ही व्यवहार करता  । मुझे भी पालतू प्राणियों को मार-पीट करना पसंद नहीं । जो पशु पहले हमें मदद करता था लेकिन अब बुढापे की वजह से किसी काम का न रहा तो उसे बेच देना इन्सानियत के खिलाफ है । पशुओं को पालना हमारी हैसियत के बाहर है तो भी उनके साथ बुरा व्यवहार करना कतई उचित नहीं है । मैं भी मित्रों या परिवार वालों के सुझाव सुनकर मुझे जो उचित लगता वही करता । जिस प्रकार करामत अली ने गाय को गऊशाला भेज दिया उसी प्रकार मैं भी गाय को गऊशाला भेज देता । बाद में जब भी मुझे फुरसत मिलती उस वक्त गऊशाला जाकर उसे देख आता ।


10 TH HINDI LAXMI SWADHYAYसंकलन : श्री . डी . पी . सुतार

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर

भ्रमणध्वनि : 9822206921


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Tuesday, 16 May 2023

Goa Jaisa Maine Dekha Swadhyay Guidance

कक्षा : दसवीं  विषय :  हिंदी स्वाध्याय मार्गदर्शन

५. गोवा : जैसा मैंने देखा विनय शर्मा
सूचना : छात्रों मैं आपको स्वाध्याय लेखन हेतु सहायता करना चाहता हूं । आप किताब की सहायता लेकर जवाब लिखने का प्रयास आसानी से कर सकते हैं । इसके लिए मैंने यह पोस्ट तैयार की है
आप अपनी टिप्पणी नाम के साथ जरूर लिखिए :



३. वाह रे ! हमदर्द - कृतियाँ

कक्षा - दसवीं
विषय - हिंदी
३. वाह रे ! हमदर्द - कृतियाँ

इन कृतियों के द्वारा पाठ का आशय समझने हेतु छात्रों को पाठ का वाचन करने के लिए प्रेरित करना है

पाठ पर आधारित कुछ सवाल : 

1.भाषण का प्रभाव :
अ) साइकिल पर - ........
आ) कार पर - ......
2. इनके झगड़े में टाँग अड़ाई :
. . . . . . . और . . . . . . .
3. लेखक के दिमाग में आया मुहावरा :
 (पन्ना क्रमांक 10) : . . . . . . . . .
4. लेखक के अनुसार : 
अ) घटना - ........
ब) दुर्घटना - .......
5. लेखक के अनुसार मरीज को नींद न आने की वजह : . . . . . . . . . .
6.फुर्सत से आने वाले (कौन) : . . . . . .
7. लेखक इनकी सूरत देखना नहीं चाहते थे : . . . . .
8. कवि ने सुनाई हुई कविता : . . . . . . . . .
9. कवि ने ईश्वर से की हुई प्रार्थना : . . . . . .
10. हमदर्दी जताने वाले ऐसे होते हैं : . . . . .
11. पाठ में आए हुए 10 अंग्रेजी शब्द हिंदी और अंग्रेजी में लिखिए : (जैसे-कार - Car , एक्सीडेंट - Accident)

जवाब :
1. अ) अधिक जोश 
    आ) अधिक गुस्सा
2.  पूँजीवाद और समाजवाद
3. टाँग का टूटना
4. अ) टाँग टूटना
    आ) सार्वजनिक अस्पताल में भरती होना
5. दर्द 
6. मुहल्ले वाले
7. कवि श्री लपकानंद 
8. असम की राजधानी है.... साइड थी राँग
9. जहॉं कोई परिचित न हो, वहाँ मेरी दूसरी टाँग तोड़ना
10. बड़े बेदर्द
11. जो आपने लिखे वह ......सही होंगे ऐसी आशा करता हूं

10 Hindi 01.भारत महिमा - शब्दार्थ और भावार्थ

 इयत्ता - दहावी

विषय - हिंदी

पहली इकाई - 

पद्य क्र .1 भारत महिमा 

रचनाकार - जयशंकर प्रसाद 

संकलन एवं निर्मिति : डी. पी. सुतार 

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर भ्रमणध्वनि : WP 9822206921

भावार्थ को छात्र आसानी से समझ सके, ऐसी आसान भाषा में दिया गया है ।

शब्दार्थ :

उपहार - भेंट उषा - सुबह लोक - विश्व, दुनिया आलोक - प्रकाश

व्योमतम - अंधकाररूपी आकाश पुंज - समूह, राशि

अखिल - पूरी तरह से, संपूर्ण संसृति - संसार, दुनिया

अशोक - शोक(दुख )रहित विमल - निर्मल, साफ वाणी - स्वर, वचन

कमल - एक फूल कोमल - मुलायम, नाजुक कर - हाथ

सप्रीत - प्रीत (प्रेम) के साथ

सप्तस्वर - सात स्वर - षड्ज, ऋषभ, गांधार, मध्यम, पंचम, धैवत व निषाद।

सप्तसिंधु - प्राचीन आर्यावर्त की प्रसिद्ध सात नदियाँ, सिंधु, परुष्णी (रावी), शतुद्री (सतलज), वितस्ता (झेलम), सरस्वती, यमुना और गंगा।

साम - एक वेद, इस वेद को संगीत शास्त्र का मूल माना जाता है।

धरा - धरती, पृथ्वी घूम - घुमना, यात्रा करना दया - करूणा, रहम

गोरी - पूरा नाम - शहाबउद्दीन मुहम्मद ग़ोरी ; 12वीं शताब्दी का अफ़ग़ान योद्धा था, जो ग़ज़नी साम्राज्य के अधीन ग़ोर नामक राज्य का शासक था। 

स्वर्ण भूमि - देश - बर्मा अर्थात ब्रहमदेश शील - नैतिक आचरण और व्यवहार

सिंहल - एक देश - श्रीलंका सृष्टि - निर्माण, रचना प्रकृति - कुदरत

पालना - पालन- पोषण करना जन्मभूमि - वह स्थान जहाँ जन्म हुआ हो ।

पूत - पुत्र भुजा - बाहु , बाँह विपन्न - निर्धन, गरीब  

संचय - इकट्ठा करना दान - देन, खैरात अतिथि - मेहमान

टेव - आदत दिव्य - तेज 

आर्य - आर्य एक शब्द है । जिसका उपयोग आर्यावर्त प्राचीन अखंड भारत के लोगों द्वारा स्व-पदनाम के रूप में किया गया था। इस शब्द का इस्तेमाल भारत में वैदिक काल के भारतीय लोगों द्वारा एक जातीय लेबल के रूप में किया गया था।

हर्ष - खुशी, प्रसन्नता

निछावर करना - समर्पित करना ।

हमारे देश की आजादी के लिए कई वीरों ने अपनों प्राणों को निछावर कर दिया । 

सर्वस्व - सबकुछ भारतवर्ष - भारत का एक प्राचीन नाम


सरल अर्थ : 

सुबह सूरज की किरणें भारत के हिमालय पर्वत पर पड़ती हैं तब ऐसा लगता है कि हिमालय को किरणों का उपहार मिला है । ऐसा प्रतीत होता है कि उषा भारत भूमि का अभिनंदन कर रही है और उसे हीरों का हार पहना रही हो ।


सर्वप्रथम भारत में ही ज्ञान का उदय हुआ था । विश्व में सबसे पहले हम भारतवासी जागृत हुई और उसके बाद विश्व जागृत हुआ । इस ज्ञान से सारा विश्व प्रकाशित हो उठा । अंधकार रूपी अज्ञान का विनाश हुआ और दुनिया से शोक ( दुख ) खत्म हुआ ।


वाणी की देवी साक्षात सरस्वती ने इस भूमि पर अपने हाथों से वीणा उठाई । उसकी मोहक वाणी से सप्तसिंधु में सात स्वरों की महक गूँजने लगी । इसी देश में सामवेद की रचना हुई ।


इसी भारत देश में जो बड़े प्रशासक थे उन्होंने केवल लोहे से बने शास्त्रों के आधार पर विजय प्राप्त नहीं की । इसी देश में धर्म के प्रति आस्था थी । गौतम बुद्ध वर्धमान महावीर जैसे महापुरुषों ने अपना विशाल साम्राज्य छोड़कर भिक्षु का रूप धारण किया और घर-घर जाकर लोगों का कष्ट दूर किया । सम्राट अशोक ने भी अपने पुत्र तथा पुत्री को बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए श्रीलंका भेजा था ।


हमारे भारत देश में मोहम्मद गोरी पर जीत हासिल करने के बावजूद भी उसके साथ अन्याय नहीं किया गया । उसे दयापूर्वक क्षमा कर दिया । भारत देश से ही चीन को भी धर्म की दृष्टि मिली है । हमारे भारत देश से ही ब्रह्मदेश और श्रीलंका इन देशों को पंचशील अर्थात सत्य,अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य ये सिद्धांत मिले।


भारत देश ने किसी का साम्राज्य या संपत्ति को छिना नहीं । प्रकृति की कृपा हमेशा हमारे देश पर बनी रही । 

यही हमारी जन्मभूमि थी, हम कहीं से आए नहीं थे ।


हम लोग सदा से ही चरित्रवान रहे हैं । हमारी भुजाओं में प्रचंड शक्ति है, इसके बावजूद हमारे पास नम्रता है । हमारी संस्कृति के प्रति हमें गर्व है । हम किसी को निर्धन या दुखी देख नहीं सकते । 


हम धन का संचय करते हैं, पर उसका उपयोग दान के लिए करते हैं । हम अतिथियों को देवता के समान मानते हैं । हमारी वचन में सत्यता और हृदय में तेज है । हम अपनी प्रतिज्ञा पर अटल रहते हैं । 


आज भी हमारे अंदर अपने पूर्वजों का खून बह रहा है । आज भी हमारे देश में वही साहस, वही ज्ञान, वही शांति और शक्ति भी है । हम महान आर्यों की संताने हैं । 


हम हमेशा अपने देश के लिए ही जिएँगे । यहाँ की सभ्यता और संस्कृति पर हमें गर्व है । इस प्यारे भारतवर्ष पर हम अपना सर्वस्व निछावर कर सकते हैं ।

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कृपया आप अपने कमेंट जरूर लिखें । 





2 लक्ष्मी - कृतियाँ सवाल जवाब

कक्षा दसवीं - आकलन कृतियाँ

पाठ क्रमांक 2 लक्ष्मी - कृतियाँ सवाल जवाब 

 लेखक गुरबचन सिंह

इस पाठ पर आधारित कुछ आकलन कृतियाँ

1) करामत अली के परिवार के सदस्यों के नाम :

1) पत्नी - ..... 2) बेटा- ... 3) गाय - ..

(2) वचन बदलकर लिखिए ।

 डंडा : .....

 रस्सी : ......

लाठियाँ : .....

(3) गलत वाक्य सही करके लिखिए।

अ) करामत अली पिछले 4 सालों से गाय की सेवा करता चला आ रहा था

आ) करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद इत्मीनान हुआ

4) परिच्छेद में आए मवेशियों के नाम - 

१)........... २)........

5) समानार्थी शब्दों की जोड़ियाँ तैयार कीजिए।

( प्रातः  गाय   कार्य   घर   सवेरे   गऊ   काम   सदन )

6) अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए - 

अ) मजदूरों के काम करने की जगह - .... 

आ) भोजन बनाने के लिए लगने वाली सामग्री - .....

7) प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाइए - 

१) अनुभव  २) खरीद  ३)इच्छा  ४) बेच

8) निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द किताब में से  लिखिए

१)दूर x .....  २) अनौपचारिक x .........

३) बेचना x ....... ४) सवाल x .......

9) उपसर्ग जोड़कर नए शब्द बनाइए : 

१)औपचारिक  २) भाव   ३) नल  ४) स्वर

10 ) समानार्थी शब्द किताब में से ढूंढ कर लिखिए : 

) खटिया   २) नसीब ३) बाधा  ४) अश्रु

जवाब :
उपर्युक्त कृतियों के जवाब इस प्रकार है

1 अ)बेटा- रहमान  आ) पत्नी - रमजानी इ) गाय - लक्ष्मी

2. डंडे    रस्सियॉं   लाठी

3. अ) एक वर्ष से   आ) इत्मीनान नहीं हुआ

4. गाय,  भैंस

5. प्रातः - सवेरे  गाय - गऊ  कार्य- काम  घर - सदन

6. अ) कारखाना आ) राशन

7. अनुभवी, खरीददार, इच्छित, बेचना

8. दूर x पास      अनौपचारिक x औपचारिक बेचना x खरीदना      सवाल x जवाब
9. अनौपचारिक, अभाव,   अनल,   स्वर

10.खटिया = चारपाई    नसीब = किस्मत     बाधा =रुकावट अश्रु = आँसू

आपके कोई सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिए

श्री डी. पी. सुतार
आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर

3. वाह रे ! हमदर्द स्वाध्याय मार्गदर्शन

Your Text here
कक्षा - दसवीं  
पाठ क्रमांक - 3. वाह रे ! हमदर्द  स्वाध्याय मार्गदर्शन 
स्वाध्याय लेखन हेतु मार्गदर्शन
🔸छात्रों आपको स्वाध्याय लेखन में सहायता करने हेतु मार्गदर्शन करना चाहता हूं । सिर्फ रास्ता दिखाने का काम करूंगा । आपकी आकलन क्षमता में सुधार हो यही मेरी इच्छा है। आपको स्वयं पाठ के आधार पर स्वाध्याय लेखन का काम पूरा करना है  जवाब लिखते समय किताब साथ में होनी चाहिए
🔸स्वाध्याय🔸
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए : -
(१) संजाल पूर्ण कीजिए : 
मरीज से मिलने के लिए आने वाले लोगों की विशेषताएँ -
जवाब : 
1. परेशान क. . . . . . . . .
2. हमदर्दी ज. . . . . . . . .
3. एहसान चुका . . . . . .
4. औपचारिकता नि. . . . . .
5. फुरसत  से आ. . . . .

(२) अंतर स्पष्ट कीजिए :
जवाब : 
1 प्राइवेट अस्पताल - . . . सुविधाएं और . . . . सफाई
2 सार्वजनिक अस्पताल - कम ..... और ठीक-ठाक ....
1 प्राइवेट वार्ड - मरीज से मिलने का समय ......
2 जनरल वार्ड - ............ निश्चित समय होता है

(३) आकृति में लिखिए :
अस्पताल में आए सोनाबाई के बच्चों की शरारतें -
पन्ना क्रमांक 11 पर देखिए. . . . . . . 
1. एक कुर्सी पर. . . . . . .
2. दूसरा मेज . . . . . . .
3 छोटी लड़की दवा की. . . . . . . .
4. रेत की थैली पर. . . . . . .

(४) कारण लिखिए : 
पन्ना क्रमांक 12 पर देखिए
जवाब १. टैक्सी में आए व्यक्ति को रिश्तेदार या. . . . . . . .
२. क्योंकि हमदर्दी जताने वाले बड़े. . . . . . . . .

(५) शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए : 
जवाब : १. चि...याघ...
२.भं...रा

(६) शब्द बनाइए
जवाब : बे.......   और    ......नाक
अ....   और    .....ता

🔶 अभिव्यक्ति : 
मरीज से मिलने जाते समय कौन-कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए, लिखिए 
हमें कभी ना कभी किसी रिश्तेदार या मित्र या पड़ोसी व्यक्ति मरीज होने पर उन्हें देखने के लिए जाना ही पड़ता है यह एक हमारी संस्कृति का हिस्सा है हमें मरीज से मिलने जाते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए :
🔸हमें मरीज से मिलने का समय ऐसा चाहिए जिससे मरीज को कोई परेशानी ना हो
🔸अस्पताल के नियमों का उचित पालन करना चाहिए
🔸मरीज व्यक्ति के साथ उचित दूरी बनाकर उससे बात करनी चाहिए
🔸मरीज को अपनी परेशानी न बताते हुए उसकी समस्या को जानते हुए उसका हौसला बढ़ाना चाहिए
🔸कम से कम समय में अपने बातचीत को विराम देते हुए मरीज को ठीक होने की शुभकामना देनी चाहिए
🔸अगर हो सके तो उन्हें कोई जरूरत हो तो वह पूरी करने का आश्वासन दीजिए
 ( आप अपनी टिप्पणी जरूर लिखे )
मार्गदर्शन एवं प्रस्तुती :
श्री. डी. पी. सुतार 
आदर्श प्रशाला, सरनाईक कॉलनी, 
जुना वाशी नाका, रंकाळ्या नजिक
कोल्हापूर.

9TH POLITICS CHAPPTER 3

प्रकरण 3 भारताची  सुरक्षा व्यवस्था  स्वाध्याय  :  सुरक्षा दल   तक्ता 


सुरक्षा दलाचे नाव व कार्य 

प्रमुख 

सध्या कार्यरत प्रमुखाचे नाव


संरक्षण प्रमुख :

CHIEF 

OF 

DEFENCE 

STAFF


अनिल चौहान 




भूदल :


भौगोलिक 

सीमांचे 

रक्षण 

जनरल 

मनोज पांडे 

नौदल :


सागरी सीमांचे 

रक्षण 

अडमिरल 

आर.  हरी कुमार 

वायुदल :


हवाई  सीमांचे 

रक्षण 

एयर 

चीफ 

मार्शल 

व्ही. आर. चौधरी 


8TH HISTORY CHAPPTER 3

आदर्श प्रशाला, सरनाईक कॉलनी,

जुना वाशी नाका, कोल्हापूर

इयत्ता : आठवी

विषय : इतिहास

प्रकरण : तिसरे

ब्रिटिश सत्तेचे परिणाम

विद्यार्थ्यांना या प्रकरणाचा पाठ्यांश सहजरित्या समजावा यासाठी हे मुद्दे काढलेले आहेत . ते विद्यार्थ्यांनी काळजीपूर्वक वाचावेत, ही अपेक्षा !

निर्मिती : डी. पी.सुतार

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर

भ्रमणध्वनी : 9822206921

9834151691


प्रकरणातील महत्त्वाचे मुद्दे :

पोर्तुगीज, डच, फ्रेंच, ब्रिटिश हे युरोपीय भारताची बाजारपेठ काबीज करण्यासाठी आले.

इंग्रजांना पोर्तुगीजांचा विरोध झाला. नंतर पोर्तुगीजांशी मैत्री होऊन विरोध कमी झाला . भारतावर वर्चस्व प्रस्थापित करण्याच्या स्पर्धेत इंग्रजांना फ्रेंच, डच व स्थानिक सत्ताधीश यांच्या विरोधाला तोंड द्यावे लागले .

मुंबई आणि त्याच्या जवळपासचा प्रदेश मिळवण्याचा प्रयत्न इंग्रज करू लागले परंतु या प्रदेशावर मराठ्यांची घट्ट पकड होती . माधवराव पेशवे यांच्या मृत्यूनंतर त्यांचा चुलता रघुनाथराव याने पेशवेपदाच्या लालसेपोटी इंग्रजांची मदत मागितली त्यामुळे मराठ्यांच्या राजकारणात इंग्रजांचा प्रवेश झाला.

इंग्रज व मराठे यांच्यात तीन युद्धे झाली.  पहिल्या युद्धात मराठा सरदारांनी एकजुटीने इंग्रजांना तोंड दिले त्यामुळे मराठ्यांची सरशी झाली . 1782 साली सालबाईचा तह होऊन पहिले इंग्रज-मराठा युद्ध संपले .

गव्हर्नर जनरल लॉर्ड वेलस्ली याने अनेक भारतीय सत्ताधीशांशी तैनाती फौजेचे करार केले .

तैनाती फौज म्हणजे इंग्रजांच्या लष्करी मदतीचे आश्वासन होय

तैनाती फौजेच्या अटी :

इंग्रजांचे लष्कर आपल्या राज्यात ठेवावे.

लष्कराच्या खर्चासाठी रोख रक्कम किंवा तेवढ्या उत्पन्नाचा प्रदेश कंपनीला द्यावा.

इतर सत्ताधीशांची इंग्रजांच्या मद्यस्थीनेच संबंध ठेवावे.

इंग्रजांचा प्रतिनिधी आपल्या दरबारी ठेवावा .

दुसऱ्याबाजीराव पेशव्याने इंग्रजांशी तैनाती फौजेचा करार केला.

हा करार काही मराठा सरदारांना मान्य नव्हता .त्यामुळे दुसरे इंग्रज मराठा युद्ध झाले .या युद्धात इंग्रजांच्या विजयामुळे त्यांचा मराठी राज्यातील हस्तक्षेप वाढू लागला .तो हस्तक्षेप असह्य होऊन दुसऱ्या बाजीरावाने इंग्रजांविरुद्ध युद्ध पुकारले. या युद्धात त्याचा पराभव झाला .1818 मध्ये त्याने शरणागती पत्करली .

इंग्रजांनी मुघलांची राजधानी दिल्ली जी दौलतराव शिंदे यांच्या नियंत्रणाखाली होती. त्यांच्या फौजेचा पराभव करून जनरल लेक यांनी  मुघल बादशाहाला ताब्यात घेऊन हिंदुस्थान जिंकला .

 इंग्रजांनी सातारचे छत्रपती प्रतापसिंह यांच्यांशी तह करून ग्रँड डफ या अधिकाऱ्याची मदतनीस म्हणून नेमणूक केली .

नंतर प्रताप सिंह यांना गादीवरून  करून काशी ते ठेवण्यात आले .तेथेच त्यांचा 1847 मध्ये मृत्यू झाला .

या अन्यायाविरुद्ध प्रतापसिंह यांचे कारभारी रंगो बापूजी गुप्ते यांनी इंग्लंड पर्यंत जाऊन न्याय मागण्याचा प्रयत्न केला परंतु त्यांना यश आले नाही .पुढे लॉर्ड डलहौसी यांनी दत्तकविधान नामंजूर करून 1848 मध्ये सातारचे संस्थान खालसा केले.

ब्रिटिश सत्तेचे भारतावरील परिणाम :

रॉबर्ट क्लाइव्ह ने दुहेरी राज्यव्यवस्था बंगालमध्ये अस्तित्वात आणली .महसूल गोळा करण्याचे काम कंपनीकडे आणि शांतता व सुव्यवस्था राखण्याचे काम नवाबाकडे ठेवले .

दुहेरी राज्यव्यवस्थेचे दुष्परिणाम :

1.कररूपाने जमा झालेले पैसे कंपनीचे अधिकारी स्वतःकडेच ठेवू लागले .

2.भारतातील व्यापाराचा मक्ता फक्त ईस्ट इंडिया कंपनीला दिल्याने अन्य व्यापारी कंपन्या नाराज झाल्या.

3.कंपनीच्या भारतातील कारभारावर इंग्लंडमध्ये टीका होऊ लागली .

4.कंपनीच्या भारतातील कारभारावर नियंत्रण ठेवण्यासाठी इंग्लंडच्या पार्लमेंटने काही कायदे केले ते पुढील प्रमाणे :

अ ) 1773 च्या रेग्युलेटिंग एक्ट नुसार बंगालच्या गव्हर्नरला गव्हर्नर जनरल असा हुद्दा देण्यात आला तसेच त्याला मुंबई व मद्रास इलाख्यांच्या धोरणावर नियंत्रण ठेवण्याचा अधिकार ही मिळाला. या ॲक्‍टनुसार लॉर्ड वॉरन हेस्टींग्ज हा गव्हर्नर जनरल झाला .

आ ) 1784 च्या पिटच्या कायद्याने भारतातील कंपनीच्या कारभारावर नियंत्रण ठेवण्यासाठी नियामक मंडळ स्थापन करण्यात आले .या मंडळाला कंपनीला राज्य कारभाराविषयी आदेश देण्याचा अधिकार देण्यात आला .

मुलकी नोकरशाही, लष्कर, पोलीस दल व न्याय संस्था हे इंग्रजांचे भारतातील प्रशासनाचे प्रमुख आधारस्तंभ होते

अ ) मुलकी नोकरशाही : 

लॉर्ड कॉर्नवालीस यांनी नोकरशाहीचे निर्मिती केली. हा शासनाचा महत्त्वाचा घटक बनला. कंपनीच्या अधिकाऱ्यांनी खासगी व्यापार करू नये असा नियम त्याने केला त्यासाठी त्याने कंपनीच्या अधिकाऱ्यांचे पगार वाढवले .

ताब्यातील प्रदेशांची जिल्हावार विभागणी करून जिल्हाधिकारी हा जिल्हा शासनाचा प्रमुख म्हणून नेमला. महसूल गोळा करणे, न्याय देणे, शांतता व सुव्यवस्था राखणे ही त्यांची जबाबदारी असे. अधिकाऱ्यांची भरती इंडियन सिविल सर्विस या स्पर्धात्मक परीक्षेद्वारे केली जाऊ लागली .

आ) लष्कर  :

प्रदेशाचे संरक्षण नवे प्रदेश हस्तगत करणे इंग्रज विरोधी उठाव मोडून काढणे हे लष्कराचे काम होते .

इ ) पोलीस दल : कायदा व सुव्यवस्था राखणे हे पोलीस दलाचे काम होते

ई ) न्यायव्यवस्था :

प्रत्येक जिल्ह्यात मुलकी खटल्यासाठी दिवाणी न्यायालय व फौजदारी खटल्यासाठी फौजदारी न्यायालय स्थापन केले .

त्यांच्या निर्णयाचा फेरविचार करण्यासाठी उच्च न्यायालये स्थापन केली .

इंग्रज भारतात येण्यापूर्वी वेगवेगळे कायदे आणि न्यायदानात जातीनुसार भेदभाव केला जात असे.

इंग्रजांनी लॉर्ड मेकॉलेच्या नेतृत्वाखाली स्थापन झालेल्या विधी समितीने कायद्याची संहिता तयार केली .

सर्व भारतात एकच कायदा लागू केला .

कायद्यापुढे सर्व समान आहेत हे तत्त्व रूढ केले .

इंग्रजांनी सुरू केलेल्या या न्यायव्यवस्थेत ही दोष होते :-

अ) युरोपियन लोकांवरील खटले चालवण्यासाठी स्वतंत्र न्यायालय व वेगळे कायदे होते .

आ) न्याय ही बाब लोकांना खूप खर्चिक वाटत होती .

इ) खटले वर्षानुवर्षे चालत.


इंग्रजांची आर्थिक धोरणे :

इंग्रज आणि आपल्या अर्थव्यवस्थेला पोषक अशी अर्थव्यवस्था भारतात सुरू केली त्यामुळे इंग्लंडचा फायदा झाला परंतु भारताचे आर्थिक शोषण झाले.

इंग्रज पूर्व काळात शेतसारा पिकानुरूप आकारला जात असे. पीक चांगले आले नाही तर शेतसाऱ्यात सूट मिळे. शेत सारा प्रामुख्याने धान्य रूपात घेतला जात असे. शेतसारा भरण्यास उशीर झाला तरी जमीन काढून घेतली जात नसे.

इंग्रजांनी जमिनीची मोजणी करून जमिनीच्या क्षेत्रानुसार शेतसारा निश्चित केला. शेतसारा रोख रकमेत व ठराविक वेळेत भरावा अशी सक्ती केली. शेतसारा वेळेत न भरल्यास शेतकऱ्यांची जमीन जप्त केली जाईल असा नियम केला. महसूल गोळा करण्याची इंग्रजांची पद्धत भारताच्या वेगवेगळ्या भागात वेगवेगळे होती.

शेतसारा वेळेत भरण्यासाठी शेतकरी येईल त्या किमतीला पीक विकू लागले. व्यापारी व दलाल वाजवीपेक्षा कमी दराने त्यांचा माल  खरेदी करू लागले .

शेतसारा भरण्यासाठी शेतकऱ्यांना सावकाराकडे जमीन गहाण टाकून कर्ज घ्यावे लागे, त्यामुळे शेतकरी कर्जबाजारी झाले. कर्जफेड झाले नाही तर त्यांना आपल्या जमिनी विकाव्या लागत असत .

इंग्रज येण्यापूर्वी भारतात  शेतकरी अन्नधान्य पीकवत असत आणि त्यामुळे गावातच सर्वांची गरज भागवली जात असे

इंग्रजानी कापूस, तंबाखू, चहा या पिकांचे उत्पादन घेण्यास प्रोत्साहन दिले. अन्नधान्याच्या ऐवजी नफा मिळवून देणारी व्यापारी पिके घेण्यावर जो भर दिला जाऊ लागला, त्या प्रक्रियेला शेतीचे व्यापारीकरण असे म्हणतात.

1860 ते 1900 या काळात भारतात मोठे दुष्काळ पडले परंतु इंग्रज राज्यकर्त्यांनी दुष्काळ निवारण्यासाठी पुरेसे प्रयत्न केले नाहीत.  पाणी पुरवठा योजनांवर ही फारसा खर्च केला नाही .

इंग्रजांनी व्यापाराची  वाढ व्हावी  आणि प्रशासनाची सोय व्हावी यासाठी भारतात वाहतूक आणि दळणवळण व्यवस्थेच्या आधुनिक सुविधा निर्माण केल्या .कोलकाता व दिल्ली यांना जोडणारा महामार्ग बांधला. मुंबई-ठाणे रेल्वेमार्गावर आगगाडी धावू लागली. तारा यंत्राद्वारे संदेश पाठवण्याची यंत्रणा भारतात सुरू झाली. भारतात डाक व्यवस्था ही सुरू करण्यात आली.

या सर्व सुधारणांमुळे देशाच्या विविध भागांमधील लोकांचा परस्परांशी संपर्क वाढला त्यामुळे त्यांच्यात एकतेची भावना निर्माण झाली .

भारतातील जुन्या उद्योगधंद्यांचा ऱ्हास :

भारतातून इंग्लंडला जाणाऱ्या मालावर जास्त कर आणि इंग्लंड मधून भारतात येणाऱ्या मालावर कमी कर आकारण्यात येई. इंग्लंडमधील माल यंत्रावर तयार होत असल्यामुळे तो कमी खर्चात व मोठ्या प्रमाणात तयार होई .अशा स्वस्त मालाशी स्पर्धा करणे भारतीय कारागिरांना कठीण झाले. परिणामी भारतातील पारंपरिक उद्योग बंद पडले .

इंग्रज सरकारचा पाठिंबा नसल्याने,व्यवस्थापनाचा अनुभव नसल्याने, आणि भांडवल नसल्यामुळे भारतीय उद्योजक मोठ्या संख्येने पुढे येऊ शकले नाहीत. 

1853 मध्ये कावसजी नानाभॉय दावर यांनी मुंबईत पहिली कापड गिरणी सुरू केली.

1855 मध्ये बंगालमधील रिश्रा येथे पहिली तागाची गिरणी सुरू झाली.

1907 साली जमशेदजी टाटा यांनी जमशेदपूर येथे पोलाद निर्मितीचा कारखाना स्थापन केला .

भारतामध्ये कोळसा, धातु, साखर, सिमेंट, रासायनिक द्रव्ये या उद्योगांची सुरुवात झाली .

एकोणिसाव्या शतकात युरोपातील बदलांचे पडसाद भारतात सुद्धा दिसू लागले .

इंग्रजांना प्रशासन चालवण्यासाठी भारतातील समाजाची ओळख करून घ्यायची होती .1784 साली विल्यम जोन्स या इंग्रज अधिकाऱ्याने कोलकाता येथे एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल ही संस्था स्थापन केली .

मॅक्सम्युलर हा जर्मन विचारवंत भारतीय धर्म,भाषा, इतिहास यांचा गाढा अभ्यासक होता .

या उदाहरणांमुळे आपणही आपला धर्म, इतिहास, परंपरा यांचा अभ्यास करायला हवा अशी जाणीव नवशिक्षित भारतीयांमध्ये निर्माण झाली.

लॉर्ड बेटिंग ने सतीबंदीचा कायदा केला. लॉर्ड डलहौसीने विधवा पुनर्विवाहाचा कायदा केला. लॉर्ड मेकॉले च्या शिफारशीनुसार भारतात इंग्रजी शिक्षण सुरू करण्यात आले. 1857 साली कोलकाता, मुंबई, मद्रास येथे विद्यापीठाची स्थापना करण्यात आली .पाश्चात्य शिक्षण घेतलेल्या मध्यमवर्गाने सामाजिक प्रबोधनाच्या चळवळीचे नेतृत्व केले.

धन्यवाद !

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