Sunday, 9 July 2023

9 हिंदी - जूलिया : शब्दार्थ + कृतियाँ + स्वाध्याय मार्गदर्शन

आदर्श प्रशाला, कोल्हापूर 
इयत्ता : नववी       
विषय : हिंदी        
5 . जूलिया ……. अंतोन चेखव
संकलन : डी. पी. सुतार                
शब्दार्थ-
अभिभावक = संरक्षक 
मार्मिक = जो दिल को छू जाए 
पीड़ा = वेदना 
विवशता = लाचारी
शुक्रिया = धन्यवाद 
तनख्वाह = मासिक वेतन 
विनीत स्वर = विनम्र स्वर   
डायरी ( Diary) = दैनिक वृत्त की पुस्तिका 
डेअरी (Dairy) = दुग्धशाला 
रुबल = रुस का चलन
नोट = टिप्पणी 
प्लेट = थाली 
बदा = भाग्य में लिखा हुआ 
कसर = कमी  
टहनी = प्रशाखा, उपशाखा, छोटी डाल
*ठग लेना = धोखा देकर लूटना 
आज-कल पढ़े-लिखे होने के बावजूद भी कई लोगों को ठग लिया जाता है 
*हड़प लेना = बेईमानी से अधिकार कर लेना ।
साहुकार व्यक्ति अनपढ़ लोगों की जमीन हड़प लेते थे ।
उत्तेजित - आवेश, क्षुब्ध, भड़का हुआ 
क्रूर - निर्दय        
मजाक- हँसी-ठट्ठा, परिहास
सबक = सीख, उपदेश 
* सबक सिखाना = उपदेश देना, सीख देना ।
लापरवाही बरतने वाले लोगों को सबक सिखाना ही पड़ता है ।
दब्बू = स्वभाव से दुर्बल 
भीरू = डरपोक 
बोदा = मूर्ख, सुस्त 
कठोर - सख्त, दयाहीन
क्रूर - निर्दय, हिंसक कार्य करने वाला 
निर्मम = ममतारहित,निर्दयी 
हृदयहीन = क्रूर, निष्ठुर 
रीढरहित - बिना मेरुदंड का
आकलन कृतियाँ :
1 संजाल पूर्ण कीजिए 
1. गद्यांश में आया संसार :
अ) क - - 
आ) क्रू - 
इ) नि - म 
ई) हृदय - - 
2. कारण लिखिए :
क) गृहस्वामी द्वारा जूलिया से माफी माँगना =
क्योंकि उन्होंने जूलिया ………………….. मजाक ……
ख) गृहस्वामी से जूलिया को संसार के साथ लड़ने के लिए कहना = 
ताकि वह अपने को ………………. सके
3 . क) मुहावरा ढूँढ़कर वाक्य में प्रयोग कीजिए 
सबक सिखाना 
ख) ‘पर’ शब्द के दो अर्थ लिखिए ।  
i) प - तु ii) - ख 
4) 'संसार में दब्बू और रीढरहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है ' इस पर लगभग 8 से 10 वाक्यों में अपने विचार लिखिए ।
हमारी सामाजिक परिस्थितियाँ ऐसी बन चुकी है कि खामोश रहनेवाले या भयभीत रहनेवाले लोगों के साथ और अधिक अन्याय होता है। हमारा किसान सालभर मेहनत करता है लेकिन कुछ लोग उनका अधिकार मार लेते हैं और किसान खामोशी के साथ यह अन्याय सहन करता रहता है।
गरीब मजदूर पूरा दिन मेहनत करता है लेकिन कुछ बोल न पाने के कारण लोग उसके अधिकारों का हनन करते हैं और उसे उचित मेहनताना नहीं मिल पाता है। इसलिए यह समाज ऐसे लोगों के लिए नहीं है जो खामोशी से सारे ज्यादतियों को बर्दाश्त करते हैं। लोग ईमानदारी के साथ अपना कार्य संपन्न करने के बावजूद भी अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं सिर्फ दब्बू और रीढ़रहित होने के कारण। अतः इस समाज में डरपोक लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है।

स्वाध्याय मार्गदर्शन :
पाठ के आँगन में (१) सूचना के अनुसार……
 (क) संजाल ….. जूलिया के मन के भाव :
जवाब : पन्ना क्र. 15 और 16 ..... 
अ (......स्वर में) 
आ (...... स्वर में) 
 इ (... स्वर में) 
 ई (...… आवाज)

ख) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हो
1) वान्या = …………. जूते ……………..गए थे ?
2) रूबल = ………………. मुद्रा का नाम ……….. ?

2 पाठ में प्रयुक्त अंकों का उपयोग करके मुहावरे लिखिए । 
 1. तीन तरह करना = नष्ट करना। 
 2. उन्नीस-बीस का अंतर होना = बहुत कम अंतर होना । 
 3. दो टूक बात कहना = स्पष्ट और अंतिम बात कहना। 
 4. पाँचों उँगलियाँ घी में होना = सब प्रकार से लाभ होना ।
5. नौ दो ग्यारह होना = भाग जाना। 
 6.एक और एक ग्यारह होना - एकता में शक्ति होना। 
 7. एक आँख से देखना = समदृष्टि होना।

(3) कई बार अज्ञान के कारण गरीबों ठगा जाता है यह देखकर मेरे मन में विचार आए ………….. 
इस विषय को समझते हुए अपने मन में विचार (7-8 वाक्य) लिखिए |
मार्गदर्शक बिंदु : 
 काफी दुख …. कभी गुस्सा भी ……. अधिकारों के प्रति जागृत …… संगठन बनाने के लिए …….. पढ़े-लिखे लोगों को अपने व्यवहार में……….. अपने अज्ञान को दूर करने……..


भाषा बिंदु : विराम चिह् न
एक टेबल बनाकर निम्न जानकारी लिखिए 
वाक्य : वाक्य पाठ में से ढूँढ़कर लिखिए ।
क्र .   चिहन     नाम                वाक्य
1        -        योजक चिहन    ........
2         .        संक्षेप              ..........
3         –       निर्देशक          ..........
4         [ ]      बड़ा कोष्ठक     ............
5        "...... "  दोहरा अवतरण चिहन ........
6           ,         अल्पविराम       ..........
7          !          विस्मयादिबोधक चिह् न .......
8          ;          अर्धविराम         .............
9        ( )          छोटा कोष्ठक     ............
10        |           पूर्ण विराम       .............
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